कहते हैं खाना बनाना एक कला है, इसमें मनुष्य हर दिन कुछ नया सीख सकता है और कुछ अपने मन से रच सकता है।बस जरूरत होती है थोड़ी सोच की, imaginationकी।
- आजकल कोई भी ज्यादा तेल मसाले वाली सब्जी नहीं पसंद करता है तो हमें तेल की मात्रा बहुत कम रखनी पड़ती है। परन्तु कम तेल में प्याज टमाटर भूनने में बहुत दिक्कत आती है तो प्याज भूनते समय यदि हम थोड़ा सा नमक डाल दें तो प्याज जल्दी गल जाता है।
- प्याज भूनने के बाद ही टमाटर डालें और साथ ही सब मसाले। टमाटर के रस में मसाले जलेंगे नहीं। यदि फिर भी सूखापन लगे तो थोड़ा पानी भी डाल दें इससे मसाले का रंग बहुत अच्छा आता है।
- यदि बिना प्याज टमाटर की सब्जी बनानी है तो सब मसाले जैसे ,हल्दी, धनिया,लाल मिर्च को पानी में घोलकर तब तेल में डालें। इससे मसाले जलेंगे नहीं।
- हरी सब्जी जैसे भिंडी,पालक,मेथी,बींस आदि छौंकते समय उसमें थोड़ी चीनी छिड़क देने से उसका रंग ख़राब नहीं होता है।
- कलरफुल सब्जी देखने में और खाने में बहुत अच्छी लगती है गाजर, बींस, फूलगोभी, मटर आलू मिला कर बनाई हुई सब्जी सुंदर भी होती है और पौष्टिक भी।
- आटे में बेसन, या नमक अजवायन या कभी धनिया पत्ती,मेथी, पालक, मूली मिला कर परांठे या रोटी बना देने से खाने में वैरायटी हो जाती है। कुछ नहीं तो नमक अजवायन के साथ मलाई मिलाकर आटा लगाने से बढ़िया खस्ता कुकी परांठा बनाया जा सकता है।
- फ्रिज में बचे हुए सामान को भी कुछ innovationके साथ एक नया रूप दिया जा सकता है। जैसे बची हुई दाल या सब्जी के परांठे बना सकते हैं।रोटियां बच गयी हो तो कुछ सब्जियों और प्याज टमाटर को मिला कर भरावन बना लें। रोटियों और भरावन की लेयर बना कर मुगलयी परांठे तैयार कर सकते हैं।
- फ्रिज में पुराना दही पड़ा है तो सूजी में घोलकर चीले,उत्तपम या इडली बना सकते हैं।
सामग्री तो वहीं होती है सब ,आपकी सोच उसे अलग रंग, अलग स्वाद दे सकती है। भारतीय खाने में चाइनीज का फ्यूजन और चाइनीज या इटैलियन खाने में भारतीय तड़का लगाइये। नया स्वाद कभी कभी अच्छा लगता है।
धन्यवाद 🙏
